सतर्कता पर निर्भिर भ्रूण का विकास

माता के गर्भाशय से बाहर कृत्रिम तौर पर विकसित किए गए भ्रूण के प्रत्यारोपण के बाद माता को पर्याप्त आराम करने की सलाह दी जाती है । भ्रूण का गर्भाशय में प्रत्यारोपण होने के बाद ठहरने और वहां विकसित होने तक कुछ सावधानियों का पालन करना जरूरी होता है ।

भ्रूण प्रत्यारोपण की प्रक्रिया के एक या दो घंटे बाद, रोगी को बिना किसी हलचल के, उसी स्थिति में लेटना चाहिए । उसे यथासंभव सभी मांसपेशियों को आराम देना चाहिए । भ्रूण प्रत्यारोपण के बाद पहले 10 दिनों के लिए बेड रेस्ट की सलाह दी जाती है । मरीज को जांचों के सिलसिले मेंअस्पताल तक आने की इलाज तो होती है लेकिन घरेलू कामकाज में लिप्त होने की सलाह नहीं दी जाती है । किसी भी शारीरिक गतिविधि को छो डना होता है । महिला किसी भी स्थिति में वजन नहीं उठा सकती है । यह संभव नहीं है कि वह किचन से गर्म पानी की बाल्टी लेकर बाथरूम तक आ जाए और नहा ले । बाल्टी उठाने और कपड़े धोने जैसे शारीरिक श्रम के किसी भी काम को न करने की सलाह दी जाती है । इसके अलावा पति के साथ अंतरंग संबंधों को भी 2 सप्ताह से 3 महीनों तक मुल्तवी रखने को कहा जाता है । यह सावधानी नहीं रखी तो 12 सप्ताह के भीतर भी गर्ब गिर सकता है ।

भोजन संतुलित होना चाहिए

गर्ब प्रत्यारोपण के बाद महिला को संतुलित भोजन मिलना चाहिए । गर्भावस्था में महिला के शरीर को अतिरिक्त प्रोटीन की जरूरत होती है । उसे सब्जियां, अनाज, डेयरी उत्पाद के साथ दालें और प्रोटीन के अन्य उत्पाद खाने में शामिल करने चाहिए ।

इन रसायनों से रहें दूर

  • फॉर्मेल्डिहाईड
  • नेल पॉलिश
  • पैराबीन्स, बैंजोफेनॉन
  • कॉस्मेटिक्स
  • मॉइशराइजर
  • तीव्र गंध वाले साबुन
  • बीपीए तथा अन्य फेनॉल वाले रसायन
  • फूड पैकेजिंग मटेरियल

कैसी हो लाइफस्टाइल

कई महिलाएं भ्रूण ट्रांसफर के बाद बिलकुल बिस्तर पर लेटी रहती हैं । शुरूआती कुछ हफ्तों के बाद महिला को शारीरिक कसरतें शुरू कर देनी चाहिए । महिलाओं को इस अवस्था में दौड़ने के बजाए पैदल चलने वाली कसरतें करना ताहिए । दौड़ने से खून का अधिक प्रवाह यूट्स की बजाए दूसरे अवयवों तक हो जाता है जबकि ऐसे समय में प्रजनन अंगों को अधिक खून की जरूरत होती है ।