स्तन में दर्द रहित गांठ बेहद खतरनाक

स्तन में दर्द रहित गांठ होना बेहद खतरनाक है । इसके प्रति सावधानी बहुत जरूरी है । इसके लिए जरूरी है कि महिलाएं स्वयं कभी – कभी इसकी कैंसर रोग विशेषज्ञ से मिलकर उसका समुचित परीक्षण करा लें । इससे मरीज को काफी लाभ हो सकता है । बीमारी प्रथम चरण में ही पकड़ में आ जाएगी । चिकित्सकों का कहना है कि भारतीय महिलाओं में होने वाले कैंसर में स्तर कैंसर नंबर वन हो गया है । वर्तमान में प्रति एक लाख पर 25 महिलाओं में स्तर कैंसर के मामले पाए जा रहे हैं, जबकि अगले एक दशक में यह बीमारी बढ़कर प्रति एक लाख पर 35 हो जाएगी । भारत में सबसे ज्यादा स्तन कैंसर  के मामले पंजाब व हरियाणा से आ रहे हैं । उत्तर प्रदेश, बिहार, दिल्ली जैसे राज्यों में भी बड़े पैमाने पर महिलाएं स्तन कैंसर की शिकार हो रही हैं ।

जागरूक रहें तो जानलेवा नहीं है स्तन कैंसर

अधिक उम्र में पहला बच्चा

अधिक उम्र में पहला बच्चा होना स्तर कैंसर का कारण हो सकता है । अधिक उम्र होने के कारण महिलाओं के शरीर में एस्ट्रोजन हार्मोन की अधिकता हो जाती है । इससे स्तन कैंसर के मामले बढ़ जाते हैं । इसके अलावा कम उम्र में माहवारी शुरू होना एवं अधिक दिनों तक माहवारी आना भी स्तन कैंसर का कारण बन सकता है । मां न बनने वाली महिलाओं में भी स्तन कैसर के मामले अधिक पाए जाते हैं । मोटापा और अल्कोहल भी इस तरह के मामले में वृध्दि करता है ।

बचाव के कुछ उपाय

इस तरह के मामले में बचाव के कुछ उपाय किए जा सकते हैं । इसके लिए जरूरी है कि प्रतिदिन कम से कम आधा घंटा तक नियमित रूप से व्यायाम किया जाए । इसके लिए स्तन की नियमित जांच हो । वजन पर हमेशा नियंत्रण रखें । इसकी जांच में सीटी स्कैन, एमआरआइ का उपयोग भी किया जा सकता है ।

हार्मोन थेरापी कारगर बचाव

इस तरह की बीमारियों में हार्मोन थेरापी बेहद कारगर बचाव होता है । इसके अलावा जरूरत पड़ने पर सर्जरी भी कराई जा सकती है । इसके बाद रेडिएशन, कीमोथेरापी एवं टारगेटेड थेरापी का उपयोग किया जाता है ।

देर से डॉक्टर के पास पहुंचना खतरनाक

बिहार जैसे प्रांतों में काफी देर से डॉक्टरके पास जाने से बीमारी काफी गंभीर हो जाती है । अधिकतर मरीज यहां पर दूसरे या तीसरे स्टेज पर आते हैं, जिन्हें बचाने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है । कई बार स्तन कैंसर के मामले आनुवांशिक भी देखे जाते हैं । ऐसे में मरीजों को बेहद सावधान रहने की जरूरत है ।