फिट रहें केवल कुछ छोटे – छोटे बदलावों से
फिट रहना, बीमारियों और तकलीफों में न पड़ना, कौन ऐसा इंसान है जो इस तरह का जीवन नहीं चाहता । खास बात यह है कि इस चाहत को काफी हद तक सच में बदलना आपके ही हाथ में है । जानिए कैसे ?
आसान है बढ़ती उम्र में भी फिट रहना
फिट रहना कोई मुश्किल बात नहीं । यदि आप चाहें तो स्वस्थ बने रहने को आप खुद बहुत हद तक सम्भव बना सकते हैं । इसके लिए सबसे पहली चीज है छोटे-छोटे गोल बनाना । विशेषज्ञ मानते हैं कि अधिकांश लोग अपनी सेहत को लेकर इसलिए एक सही रूटीन फॉलो करने में फेल हो जाते हैं, क्योंकि वे बड़े और नामुमकिन से लक्ष्य रखते हैं । चाहे किसी समस्या के डायग्नोज होने के बाद फिट रहने की कोशिश हो या फिर यूं ही सेहत की तरफ ध्यान देने का प्रयास हो, आपको छोटे छोटे कदम आगे बढ़ाने होंगे ।
- कदम आगे बढ़ाने से पहले सबसे महत्वपूर्ण है इस बात को तय करना कि क्या आप इस परिवर्तन के लिए हर तरह से तैयार हैं ? याद रखिए शुरुआत में ही आने वाली कोई भी छोटी सी दिक्कत या अड़चन आगे बढ़ने में रुकावट पैदा कर सकती है । इसलिए खुद को मानसिक और शारीरिक स्तर पर तैयार करें । अपने डॉक्टर से भी सलाह ले सकते हैं । एक ऐसा रूटीन तय करें जो व्यावहारिक रूप से संभव हो ।
- रोज शाम /रात को एक टू डू लिस्ट यानी कि अगले दिन क्या क्या करना है इसकी सूची बनाएं । यह लिस्ट आपको अगले दिन की गतिविधियों के लिए तैयार रखेगी और आप स्ट्रेस से भी बच पाएंगे । आपका दिमाग भी शांत रहेगा ।
- लहसुन की मात्र एक कली का नियमित सेवन ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखने और कई कैंसर से बचाव में मदद कर सकती है । कई लोग लहसुन को सेक कर भी खाते हैं और कई लोग कच्चे लहसुन के ही दो टुकड़े करके निगल लेते हैं । यदि ये सब भी सम्भव न हो तो डॉक्टर की सलाह से सप्लीमेंट भी लिए जा सकते हैं
- मित्रता का डोज भी आपको सेहतमंद बनाए रखने मेें मददगार हो सकता है । हर उम्र के लोगों से मित्रता कीजिए और अपने ग्रुप में सबको शामिल करने की कोशिश कीजिए । ये लोग आपको फिटनेस के लक्ष्य तक पहुंचने को प्रेरित करने से लेकर स्ट्रेस दूर करने और सकारात्मक सोच विकसित करने तक में मदद करते हैं । साथ ही मानसिक और शारीरिक फिटनेस से सम्बंधित कई सारी गतिविधियों से जुड़ने को भी प्रेरित कर सकते हैं ।
- अपने आस पास चीजों को व्यवस्थित बनाये रखें । फिर चाहे वो रसोईघर हो, अलमारी या फिर ऑफिस की डेस्क । वे सारी चीजें बाहर निकाल दें जो गैर जरूरी हैं । इनका ढेर लगाने से तनाव और एंग्जाइटी जैसी स्थितियां बढ़ सकती हैं ।
- कुछ भी नया और रचनात्मक सीखने की कोशिश करें । चाहे वो कविता हो, नृत्य का कोई प्रकार या कोई नई रेसिपी । ये तमाम प्रक्रियाएं याददाश्त को अच्छा बनाए रखने के साथ ही सकारात्मक और ऊर्जावान बने रहने में मदद करती हैं ।
भरपूर पानी पीएं और खुद को हाइड्रेट बनाए रखें । अपने साथ एक रियूजेबल पानी की बॉटल भी हमेशा रखें, ताकि प्यास लगने पर आप पानी की जगह कुछ खाने से काम चलाने से बच सकें ।

- अपने तकिए के कवर को कम से कम हर तीन महीने में धो डालें । इससे कई संक्रमणों और एलर्जी से बचाव हो सकेगा । साथ ही मानसिक स्वास्थ्य भी अच्छा रहेगा ।
- सार्वजनिक स्थानों पर सीढ़ियों की रेलिंग, शैचालयों व अन्य स्थानों पर दरवाजों को हाथ लगाने के बाद हाथ अच्छे से धोने या सेनेटाइजर लगाने की आदत डालें । साथ ही हमेशा बाहर कहीं से भी घर आने और खाना खाने से पहले भी हाथ अच्छे से धोने की आदत बनाएं ।
- परिवार के साथ कम से कम दिन में एक बार का भोजन करने की आदत डालें । यह कदम के तरह से लाभकारी होगा । एक तो आपके परिजन आपको आपके लक्ष्य के प्रति दृढ़ रहने को प्रेरित कर पाएंगे, दूसरे वे खुद भी अपनी सेहत को लेकर सजग रहेंगे और तीसरा यह आपको खुश और सकारात्मक रहने में भी मदद करेगा। इसी तरह महीने दो महीने में एक बार अपने परिचितों – रिश्तेदारों से भी मिलने का समय जरूर निकालें । सामाजिक बने रहना भी सेहत के लिहाज से अच्छा होता है ।
- भोजन समय पर और संतुलित मात्रा में करें । कभी भी सुबह के नाश्ते यानी ब्रेकफास्ट को भूलें नहीं ।केवल यही एक भूल आपको कई समस्याओं में डाल सकती है । इसलिए सुबह भरपेट हेल्दी नाश्ता करने की आदत डालें ।
आपके भोजन का आधे से ज्यादा से हिस्सा सब्जियों और फलों से भरा होना चाहिए । यह एक सामान्य से कदम हार्ट अटैक और स्ट्रोक से लेकर कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों तक से बचाव कर सकते हैं । ये पाचन को सुचारू बनाए रखने के साथ ही शरीर में नमी बरकरार रखने में भी सहायक होते हैं ।






