गर्भावस्था में कितना उचित है एप्सम सॉल्ट का प्रयोग ?
प्रकृति में कई ऐसे खनिज और साधन हैं जिनका उपयोग सदियों से दर्द निवारक, सूजन उतारने या घाव भरने के लिए किया जात रहा है । इनमें से कई के गुष तो लैब टेस्टेड भी हैं । गर्भावस्था के दौरान एप्सम सॉल्ट और उसके उपके उपयोग से जुड़े ऐसे ही कुछ पहलुओं पर डालते हैं एक नजर
गर्भावस्था में आम है कील मुहांसों का उभरना
गर्भावस्था का समय
शरीर में हो कई सारे परिवर्तनों के अलावा इस समय कई सारे लक्षण भी सामने आते हैं । इनमें शारीरिक और मानसिक दोनों प्रकार के लक्षण शामिल हैं । वजन बढ़ने के कारण पैरो या कमर में होने होने वाला दर्द, नॉशिया आदि शामिल हैं । इस समय चूंकि दवाएं भी सहजता से नहीं ली जा सकतीं, इसलिए इन लक्षणों के लिए सामान्यत: घरेलू उपायों से काम चलाया जाता है । तकलीफ अधिक होने पर डॉक्टर आराम करने की भी सलाह दे सकते हैं । इसके अलावा हड्डियों और शरीर को ताकतवर बनाने के लिए डॉक्टर कैल्शियम, आयरन तथा कुछ विटामिन्स के सप्लीमेंट्स भी देते हैं ।
एप्सम सॉल्ट बाथ
एप्सम सॉल्ट मैग्नीशियम सल्फेट का क्रिस्टल रूप है । गर्भावस्था के दौरान एप्सम सॉल्ट बाथ का प्रयोग दुनियाभर में कई जगह किया जाता रहा है । यह सॉल्ट मैग्नीशियम सल्फेट का क्रिस्टल वाला रूप है । घरेलू नुस्शे के तौर पर इसका प्रयोग करने वाले यह मानते हैं कि शरीर में इस खनिज के जाने से दर्द जैसी स्थिति में बाथ को कई लोग गर्भावस्था के दौरान बहुत फायदेमंद मानते हैं ।
क्या वाकई ऐसा है ?
लोगों का मानना है कि एप्सम सॉल्ट सॉल्ट बाथ के दौरान कुछ मात्रा में यह खनिज शरीर द्वारा अवशोषित भी हो जाता है । ऐसे में कई लोगों के मन में इस बात को लेकर आशंका होती है कि यह गर्भवती महिला या गर्भस्थ शिशु के ले सुरक्षित होगा या नहीं ? इस संबंध में विशेष कहते हैं कि जब तक गर्भवती महिला इसे निगल न ले या बाथटब में तापमान बहुत तेज न हो तब तक वे एप्सम सॉल्ट बाथ का प्रयोग विभित्र्लक्षणों में आराम पाने के ले कर सकती हैं । जरूरी यह है कि इसका ले लिया जाए और उसके बाद पूरी सावधानी से इसका प्रयोग किया जाए ।
ये मिल सकते हैं फायदे
सही तरीके से और मार्गदर्शन के साथ उपयोग में लाने गर्भावस्था के दौरान एप्सम सॉल्ट बाथ से कई तरह के फायदे मिल सकते हैं । इनमें से कुछ हैं-
- गर्भवस्था के दौरान मांसपेशियों में दर्द, राउंड लिगमेंट पेन या लेग क्रंप्स बहुत आम हैं । ऐसा कई कारणों से हो सकता है । इस दौरान यह बाथ लेने से दर्द में आराम मिल सकता है ।
- कई शोध मैग्नीशियम को नैचुरल स्ट्रेस रिलीवर और टीडिप्रेसेंट के तौर पर सिध्द कर चुके हैं । ऐसे में इस स्नान से स्ट्रेस को कम करने में भी मदद मिल सकती है ।
- गर्भवस्था के दौरान होने वाली परेशानियों में कब्ज भी बहुत आम है इसके साथ ही बच्चे के विकास और यूटेरस के बढ़ते वजन के कारण कई बवासीर की समस्या हो जाती है । इसकी वजह से खुजली, दर्द जाती है । इसकी वजह से खुजली, दर्द और असहजता हो सकती है । ऐसे में हलके गर्म पानी में बैठना आराम दे सकता है । गर्म पानी में बैठना आराम दे सकता है । एप्सम के एंटीइंफ्लेमेटरी गुण भी इस दौरान मददगार हो सकते हैं।
- प्रेनेंसी के एंटीइंफ्लेमेटरी गुण भी इस दौरान शरीर को मैग्नीशियम की बढ़ी हुई मात्रा की मां बनाने की उम्र में महिलाओं में मैग्नीशियम की कमी में इस स्नाना के दौरान थोड़ी मात्रा में मैग्नीशियम के दौरान थोड़ी मात्रा में इस स्नाना के दौरान थोड़ी मात्रा में मैग्नीशियम जाता भी है तो वह फायदेमद हो सकता है ।
- त्वचा पर खुजली का होना भी इस स्थिति में बहुत आम है । प्समस सॉल्ट बाथ इस खुजली में आराम दे सकता है और नहाने के बाद अगर मॉइच्श्रराइजर लगा लिया जाए तो यह राहत लंबे समय तक बनी रहती है ।
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समय और मात्रा का ध्यावन रखें
यह सबसे जरूरी बात है । एप्सम सॉल्ट बाथ के लाभ गर्भस्थ महिलाओं के लिए हो सकते हैं लेकिन इसके लिए अपने डॉक्टर से बात करने के अलावा मौसम और परिस्थितियों, सॉल्ट की मात्रा और बाथ टब में बिताए समय को लेकर सतर्कता रखना भी जरूरी है । 12 – 15 मिनट से अझिक टब में बिताना समस्या दे सकता है ।





