बच्चों की जिंदगी को छोटा करता तंबाकू और धुआं
सिगरेट या तंबाकू की लत पालने वालों के साथ भी ऐसा ही होता है और इसका सबसे गंभीर नतीजा भुगतते हैं बच्चे मां –पिता , रिश्तेदार परिचितों के कारण मिलने वाले खतरनाक धुएं के अलावा उनके खुद के इस लत का शिकार बनने की आशंका भी बढ़ जाती है ।
बच्चों को संतुलित आहार से मिलता स्वस्थ शरीर
पैसिव स्मोकिंग का जहर
पैसिव स्मोकिंग, धूम्रपान का वह रूप है जो दूसरों पर बुरा असर करता है । इसका सीधा मतलब है स्मोकिंग के धुएं से दूसरों को परेशान करने वाला जहर । इसे सेकंड हैंड स्मोक भी कहा जाता है । इसका सबसे ज्यादा असर घर में सिगरेट पीने वालों के आसपास मौजूद बच्चों पर पड़ता है । फिर पब्लिक प्लेस पर भी बच्चो इस धुएं के शिकार हो सकते हैं । उन बच्चों के लिए मुश्कल और बढ़ सकती है जो सांस संबंधी की तकलीफ से ग्रसित होते हैं । लंबे समय तक इस धुएं के संपर्क में रहने से बच्चे गंभीर बीमारियों की चपेट में आ सकते हैं । आंकड़े बताते हैं कि हर वर्ष इसकी वजह से बड़ी संख्या में नवजातो और बच्चों के लिए अस्थमा जैसी खतरनाक समस्या की आशंका का प्रतिशत बढ़ जाता है । इसकी वजह से नाक – कान का इंफेक्शन, टूथ डिके, सर्दी – खांसी और सडन इन्फेंट डेथ सिंड्रोम जैसी स्थितियां भी बन सकती हैं । इसके लक्षणों के रूप में नाक का भरा रहना, सिरदर्द, खराब गला, आंखों में इरिटेशन आदि सामने आ सकते हैं ।
गर्भावस्था और तंबाकू
हालांकि भारत में यह उतना आम नहीं है लेकिन सिगरेट या शराब पीने वाली महिलाओं – युवतियों की संख्या यहां भी बढ़ रही है । यह लत हर एक के लिए बुरी है, चाहे महिला हो पुरुष । गर्भावस्था के दौरान या उसके पूर्व भी लगातार सिगरेट पीते रहने की लत न केवल मां को बल्कि होने वाले शिशु के स्वास्थ्य को भी नुकसान पहुंचा सकती है । इसकी वजब से होने वाले नुकसानों में शामिल हैं –
गर्भपात की आशंका
- समय से पहले बच्चे का जन्म (प्रीमैच्योर डिलीवरी )
- जन्म के समय बच्चे का वजन कम होना जिसकी वजह से आगे जाकर हार्ट डिसीज, स्ट्रोक, हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज आदि की आशांका का बढ़ जाना
- क्लैफ्ट पैलेट या क्लैफ्ट लिफ्ट की आशंका
- सडन इन्फेंट डेथ सिंड्रो म
- लर्निग प्रॉब्लम्स और एडीएचडी जैसी समस्याओं की आशंका
बच्चों में बुरी आदत का आना
इन सारे प्रभावों के अलावा बच्चे में खुद टीन एज या इससे आगे की उम्र में सिगरेट और तंबाकू की लत के लग जाने का डर रहता है । अक्सर ऐसे बच्चे जिनके पैरेंट्स को सिगरेट, शराब या तंबाकू की लत होती है, उनमें इन चीजों के प्रति अधिक आकर्षण रहता है और वे कम उम्र से ही इनका प्रयोग करने लग सकते हैं ।
इन सबसे अलावा सिगरेट या तंबाकू के प्रयोग से प्रजनन क्षमता पर भी बुरा असर पड़ता है, जिसकी वजह से मां बनने की सामान्य प्रक्रिया में बाधा आ सकती है पुरुषों की प्रजनन क्षमता पर भी सिगरेट और तंबाकू बुरा असर डालते हैं । वहीं जिन गर्भवती महिलाओं के पति सिगरेट या तंबाकू की लत में जकड़े होते हैं उनके गर्स्थ शिशु और उनके स्वयं के स्वास्थ्य पर भी इसका बुरा असर पड़ सकता है । इसलिए कोशिश करें कि जितनी जल्दी हो सके इस लत से छुटकारा मिल जाए ।
थर्ड हैंड स्मोक
धुएं से भरी सांस के साथ बच्चे करीब 4000 जहरीले केमिकल शरीर में ले जाते हैं जिनमें से कई कैंसर कारक होते हैं । सेकंड हैंड स्मोक के बाद थर्ड हैंड स्मोक के प्रभाव भी कम नहीं होते । थर्डहैंड स्मोक वह होता है जो सिगरेट पीने के कुछ समय बाद तक वातावरण में बने रहते हैं । इसमें छुपे टॉक्सीन यानी जहरीले कण दीवारों से लेकर सोफे या कार की सीट, पर्दो और यहां तक कि बच्चे के बालों तक पर चिपके रह सकते हैं, अगर उनके आसपास कुछ समय पहले सिगरेट पी गई हो तो ।





